अवसाद के क्षणों में
ढूँढने लगती हूँ,
तितलियों का 'घर '
देखतीं हूँ
रंग-बिरंगी तितलियों को
फूलों संग अंगीकार होते हुए
'फूल' तितलियों के घर नहीं होते
एक ऋतु तक रहतीं हैं ,
तितलियाँ उनके संग
आसमां छत
पंखुरियाँ बिछौना
सुगंधित बयार दीवारें
खेलतीं हैं तितलियाँ
कब सोतीं हैं
कब जागती है
सोचती हुई
रंग तितलियों के
अपने होठों के कोर में
........ ढूंढ लेतीं हूँ
(खुशियों की परिभाषा ढूँढने का प्रयास करते हुए .. बस यूँ ही )
(शोभा)
ढूँढने लगती हूँ,
तितलियों का 'घर '
देखतीं हूँ
रंग-बिरंगी तितलियों को
फूलों संग अंगीकार होते हुए
'फूल' तितलियों के घर नहीं होते
एक ऋतु तक रहतीं हैं ,
तितलियाँ उनके संग
आसमां छत
पंखुरियाँ बिछौना
सुगंधित बयार दीवारें
खेलतीं हैं तितलियाँ
कब सोतीं हैं
कब जागती है
सोचती हुई
रंग तितलियों के
अपने होठों के कोर में
........ ढूंढ लेतीं हूँ
(खुशियों की परिभाषा ढूँढने का प्रयास करते हुए .. बस यूँ ही )
(शोभा)